कृषि-क्षेत्र में उद्यमिता की संभावनायें

#युवा प्रेरणा यात्रा-2016, #तीसरा दिन, #धारी कलौगी एवं नवगांव, उत्तराखंड 

यात्रा के तीसरे दिन युवाओं का समूह कृषि क्षेत्र में उद्यमिता की संभावनाओं को तलाशने और कृषि की बारीकियों को समझने उत्तरकाशी जनपद में स्थित धारी कलौगी, विकासखण्ड-नौगांव पहुँचा जहाँ युवाओं ने देवराणा घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक कम्पनी लिमिटेड के अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह राना से कृषि क्षेत्र में हुये अनुसंधानों के विषय में जानकारी प्राप्त की। राना जी ने बताया कि किस प्रकार रोपवे लग जाने से पहाड़ के दुष्कर इलाके में फलों एवं दूध की आवाजाही आसान हो सकी और बागबानी एवं पशुपालन के काम को बढ़ावा मिला। उन्होंने किसानों की ज़रूरतों के संदर्भ में युवा वैज्ञानिकों द्वारा नई तकनीकों के विकास का सुझाव रखा और साथ ही यह भी कहा कि किसान का बेटा किसान नहीं बनना चाहता क्योंकि इस क्षेत्र में शिक्षा पर काम किया जाना अभी बाक़ी है। हमें ऐसे पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है जिससे नई युवा पीढ़ी अन्य विषयों की ही भांति कृषि विषय का अध्ययन भी विशेष रूप से कर सके। युवाओं द्वारा सरकार से मिलने वाली मदद के सवाल पर उन्होंने कहा कि- तकनीक की उपलब्धता,समय एवं दिशा दे सकती है सरकार लेकिन रास्ता हमें ख़ुद ही तय करना है।”

Dhari

HARC edited

हार्क के ग्रामीण सूचना केन्द्र तथा धारी कलौगी में रोपवे फील्ड विज़िट के बाद यात्रा समूह नौगांव, उत्तरकाशी में स्थित हार्क (हिमालयन एक्शन रिसर्च सेन्टर) के फील्ड कार्यालय पहुँचा जहाँ अमृता काला जी ने नौजवानों को हार्क के कार्यों, उसकी पृष्ठभूमि, उसके गठन से लेकर संचालन के बीच आने वाली परेशानियों के विषय में अवगत कराया। हार्क ने सन् 1988 में काम करना शुरू किया एवं सन् 1989 में इसका पंजीकरण सोसाईटी एक्ट के तहत हुआ। हार्क ने पहाड़ी क्षेत्र के स्थानीय लोगों के पारम्परिक, सांस्कृतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय संसाधनों का प्रयोग करके क्षेत्र में कृषि विकास, किसान तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम किया है।

IMG_20160405_173533

 

अमृता जी ने बताया कि हिमालय की विषम परिस्थितियों में नीतियों का क्रियान्वयन करने के लिए हार्क शोध करता है, किसानों की आजीविका के लिए नये स्त्रोत तैयार करता है, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ज़रूरी सूचनायें मुहैय्या कराना, सब्जी उत्पादन, बागबानी, दुग्ध उत्पादन इत्यादि के प्रबन्धन एवं विपणन में किसानों की सहायता करना इत्यादि हार्क के मुख्य कार्य हैं। हार्क इन किसानों के सामान को बाज़ार तक पहुँचाने में सप्लाई चेन की भूमिका अदा करता है।

पहाड़ों पर रोज़गार के साधन उपलब्ध कराना, जलवायु-परिवर्तन से अवगत कराते हुये किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित करना, उन्हें विषम परिस्थितियों के लिए तैयार करना और कृषि कार्यों को बढ़ावा देने जैसे कार्य भी हार्क के मुख्य प्रयासों का हिस्सा हैं।

अमृता काला आगे कहती हैं कि हार्क से किसानों का एक फेडरेशन और 2 महिला स्टेशन सम्बद्ध हैं। चमोली तथा रमाईं घाटी के लगभग 7000 किसान हार्क से जुड़े हुए हैं । दिल्ली में मदर डेयरी मिल्क स्टेशनों के लिए हार्क  सप्लाई चेन के तौर पर काम करते हुए दूध की सप्लाई में अहम भूमिका निभाता है। रमाई घाटी के युवा खेती की तरफ ध्यान दे रहे हैं और इस इलाके में पलायन की समस्या सबसे कम,मात्र 20% है जबकि शेष 80%  का गाँव में होना इस क्षेत्र के लिए एक अच्छा संकेत है। जैविक(organic) तथा संकरित (Hybrid) दोनों ही प्रकार की कृषि का ज्ञान एवं प्रशिक्षण किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। वो ये भी बताती हैं कि सन् 1998 में लगभग 67 गाँवों में हार्क ने स्वयं सहायता समूह की कैम्पैनिंग का काम किया था जिसमें से लगभग 10 समूह निकलकर आये जो आज भी चले आ रहे हैं और अपनी बचत के माध्यम से वे अपनी ज़रूरतों को पूरा कर पाने में सक्षम हैं।

अमृता पूरे जोश के साथ युवाओं के सभी प्रश्नों का उत्तर देती हैं और साथ में व्यंग्य की चुटकियों और अपने बेबाक जवाबों से माहौल को हंसी और ऊर्जा से भर देती हैं।

Rope way

 

Advertisements
This entry was posted in Entrepreneurship. Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s