उद्यम द्वारा सशक्तिकरण का सफ़र ‘युवा प्रेरणा यात्रा ’

*युवा प्रेरणा यात्रा-2016, 03 अप्रैल-पहला दिन- दून विश्वविद्यालय- उत्तराखंड 

“इधर से गुज़रा था, सोचा सलाम करता चलूँ.” “पत्थर नहीं पहाड़ हैं, युवाओं की दहाड़ हैं.” दून विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में गूंजती ये पंक्तियाँ और तालियों की आवाज़ सभी नवागन्तुकों के मानस पटल पर अंकित हो गईं। मौक़ा था युवा प्रेरणा यात्रा 2016 के आरम्भ का।

हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून 03 अप्रैल 2016 को एक ऐसी यात्रा के आरम्भ की साक्षी बनी जो आने वाले भविष्य में राष्ट्र-निर्माण के लिए  नींव की ईंट का काम करेगी। युवा-प्रेरणा यात्रा-2016, एक ऐसी यात्रा जो युवाओं को केवल उत्साहित ही नहीं करती बल्कि ‘उद्यम द्वारा सशक्तिकरण’ हेतु मार्ग भी प्रशस्त करती है ।  न केवल अपना बल्कि समाज के सशक्तिकरण का पथ प्रदर्शित करती है । यात्रा का आरम्भिक सत्र सुबह 10 बजे दून विश्वविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ। जहाँ देश के 20 राज्यों और 3 देशों से आये कुल 85 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

इस यात्रा का आयोजन करने वाले आई फॉर नेशन फाउन्डेशन के संस्थापक नवीन गोयल एवं संस्थापक-प्रबन्धक रितेश गर्ग ने युवाओं को युवा प्रेरणा यात्रा की शुरूआत और आई फॉर नेशन की आधारशिला से अवगत कराया ।

रितेश ने युवाओं को फाउन्डेशन द्वारा समाज हित में किये गये प्रयासों से अवगत कराया। जिसके अन्तर्गत उत्तराखंड त्रासदी के बाद किये गये केदार वैली रिहैबिलिटेशन और नेपाल-आपदा 2015 के बाद लिये गये इनिशियेटिव वी आर टुगेदरके बारे में चैम्पस से अपने अनुभव साझा किये। रितेश ने कहा- हर किसी के लिए राष्ट्र की परिभाषा भिन्न हो सकती है। किसी के लिए राष्ट्र उसका गांव हो सकता है , किसी के लिए उसका समाज तो किसी के लिए उसका देश, और इस तरह हर व्यक्ति अपने राष्ट्र की परिभाषा के हिसाब से समाज हित में योगदान कर सकता है।

सत्र का आरम्भ दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस. के. दादर जी ने किया। यात्रा पर आये “चैम्पस” को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा- ये यात्रा स्वयं से मिलने की यात्रा है। स्वयं को खोजने की यात्रा है। उन्होंने कहा कि हम जोख़िम लेने वाले युवा तैयार करते हैं।

कार्यक्रम के आरम्भिक सत्र में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली शैला जी ने अपने सुख-सुविधा भरे जीवन को छोड़कर बच्चों को शिक्षित करने के अपने सपने तक पहुँचने के सफ़र की दास्ताँ बयां की । साथ ही निवेश के क्षेत्र में (इन्वेस्टमेन्ट ब्रोकर) काम कर चुके विनय नांगिया जी के मार्गदर्शन में युवाओं ने ख़ुद को तलाशने के सफ़र की शुरूआत की।

प्रोफेसर दादर, नवीन गोयल, रितेश गर्ग एवं आई फॉर नेशन फॉउन्डेशन की समस्त टीम ने दीप प्रज्जवलन कर सत्र का आरम्भ किया। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रेरणा यात्रा के मुख्य चयन अधिकारी गगन बड़रिया ने किया ।

YPY-DAY-01-LIGHTINING OF THE LAMP

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